भारतीय किसान शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार की नितियांः प्रभाव एवं योगदान
Author(s): विकास कुमार
Abstract: भारतीय अर्थव्यवस्था की अगर बात की जाए तो यहां की अर्थव्यवस्था में संपूर्ण G.D.P. में कृषि क्षेत्र का योगदान 14 से 18.2 प्रतिशत के बीच है। आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, भारत की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 18.2 प्रतिशत का योगदान है। अगर भारतीय किसान के योगदान को और आगे बढ़ाना है तो सबसे पहले इसके शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य कि स्थिति को और बेहतर करने की जरूरत है। अगर भारत में महिला किसान की बात करें तो वैश्विक कृषि क्षेत्र में भारतीय महिला किसान भी एक महत्त्वपूर्ण शक्ति है, जो कुल कृषि श्रमिकों के लगभग 43 प्रतिशत भाग का निर्माण करती हैं। भारत जैसे देश में, जहाँ निर्वाह कृषि (Subsistence Farming) की प्रमुखता है, वहाँ पर महिलाएँ 33 प्रतिशत कार्यबल का निर्माण करती हैं और स्वतंत्र या स्वरोजगार किसानों की कुल संख्या में लगभग आधे-भाग की हिस्सेदारी रखती है। NSSO की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 18 प्रतिशत कृषक परिवारों में महिलाएँ ही मुखिया होने की स्थिति रखती है। अगर भारतीय किसान को कृषि क्षेत्र में हीं रोजगार की वृद्धि करनी है तो सबसे पहले गुणवत्ता युक्तशिक्षा एवं अच्छे स्वास्थ्य की व्यवस्था करनी होगी। ताकि कृषक परिवार भी अपने स्वास्थ्य व्यवस्था एवं शिक्षा पद्धति में कमी के कारण जहाँ वो सबसे पीछे जा रहें हैं वहीं किसान सबके साथ आगे बढ़ेंगे। गुरूकुल शिक्षा व्यवस्था से लेकरके वर्तमान समय तक शिक्षा पद्धति को अगर देखा जाए तो पुराने समय से हीं कृषक परिवार के लिए इन सब पद्धतियों से दूर रखा जाता है। जो एक असमानता का प्रतिक है। गुरूकूल प्रणाली, बुनियादि शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान (RUSA) कोठारी आयोग (1964), 1968 की राष्ट्रीय शिक्षानीति, 1985 की राष्ट्रीय शिक्षानीति, टी. एस. आर. सुब्रमन्यम समिति रिपोर्ट 2016, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इनसब के साथ अगर हम स्वास्थ्य व्यवस्था की बात करें तो वर्तमान समय में आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार के द्वारा चलाया जा रहा अभियान है जो कि हर एक भारतीयों के लिए उपलब्द्ध स्वास्थ्य व्यवस्था है। इसका उद्येश्य 500 मिलियन से अधिक लोगों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना है। हाल के वर्षो में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली अभी भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। जिसमें अपर्याप्त वित्त पोषण, असंगठित शिक्षा प्रणाली, स्वास्थ्य कमिर्यो की कमी और अपर्याप्त आधारभूत संरचना शामिल है यह एक असमानता को दर्शा रहा है। जिसमें की अगर भारतीय किसान की बात करें तो यह इन सब सुबिधाओं से काफी दूर है। सरकार को अथय प्रयास करके भारतीय किसान को इन सब सुबिधाओं तक पहुंचाना एक प्रमुख कार्य होना चाहिए।
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How to cite this article:
विकास कुमार. भारतीय किसान शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार की नितियांः प्रभाव एवं योगदान. Int J Hist 2025;7(6):118-122.