भारतीय रेलवे में कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण: जमालपुर रेल वर्कशॉप का ऐतिहासिक महत्व
Author(s): सुधांशु कुमार सिंह
Abstract: जमालपुर रेल वर्कशॉप भारतीय रेलवे के कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण की ऐतिहासिक धुरी रही है। 1862 में स्थापित यह वर्कशॉप न केवल एशिया की सबसे पुरानी और प्रमुख रेल उत्पादन इकाइयों में से एक है, बल्कि भारतीय तकनीकी श्रम शक्ति के विकास का केंद्र भी रही है। यहाँ लोकोमोटिव निर्माण, वैगन मरम्मत, मशीन निर्माण, स्टील फाउंड्री संचालन और आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों के विकास जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की पीढ़ियाँ तैयार की गईं। जमालपुर ने औद्योगिक कौशल का ऐसा मॉडल खड़ा किया जिसमें अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को केंद्रीय भूमिका दी गई, जिससे कार्य दक्षता और नवाचार की क्षमता का विस्तार हुआ। औपनिवेशिक काल में जहाँ यह वर्कशॉप रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का प्रमुख केंद्र थी, वहीं स्वतंत्रता के बाद यह राष्ट्रीय औद्योगिकरण के प्रयत्नों में backbone संस्थान बनकर उभरी। जमालपुर रेलवे इंजीनियरिंग स्कूल (बाद में ZRTI एवं IRIMEE) ने तकनीकी शिक्षा को व्यवस्थित आयाम दिया और आधुनिक इंजीनियरिंग, मैकेनिक्स, इलेक्ट्रिकल सिस्टम तथा उत्पादन प्रबंधन में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया। डिजिटल तकनीकों, स्वचालन और नई सुरक्षा प्रणालियों के बढ़ते उपयोग ने जमालपुर को समकालीन प्रशिक्षण हब में परिवर्तित किया है। आज जमालपुर न केवल रेलवे के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करता है, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और भारतीय तकनीकी परंपरा के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस प्रकार, जमालपुर रेल वर्कशॉप भारतीय रेलवे में कौशल विकास, तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार-उन्मुख प्रशिक्षण का ऐतिहासिक व आधुनिक प्रतीक है।
सुधांशु कुमार सिंह. भारतीय रेलवे में कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण: जमालपुर रेल वर्कशॉप का ऐतिहासिक महत्व. Int J Hist 2025;7(12):37-40. DOI: 10.22271/27069109.2025.v7.i12a.587