मुगल सम्राट अकबर का प्रशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता एक अध्ययन
Author(s): रविंद्र कौर
Abstract:
इस शोध पत्र के माध्यम से मुगल सम्राट अकबर (1556-1605) के कार्यकाल के दौरान प्रशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता को देखने का प्रयास किया गया है । मुगल सम्राट अकबर की पृष्ठभूमि देखे तो ज्ञात होता है कि जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर मुगल वंश का तीसरा शासक था । जिसका जन्म 1542 को अमरकोट में हुआ था । अकबर को अकबर-ए-आज़म के नाम से भी जाना जाता है । सम्राट अकबर मुगल साम्राज्य के संस्थापक जहीरूद्दीन मोहम्मद बाबर का पौत्र और नासिरुद्दीन हुमायूं एवं हमीदा बानो का पुत्र था । अकबर ने 13 वर्ष की आयु में अपने पिता हुमायूँ का उत्तराधिकारी बनकर मुगल साम्राज्य का विस्तार किया । अकबर के सैन्य, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभुत्व ने उसे भारतीय उपमहाद्वीप में प्रभुत्व स्थापित करने में मदद की । अकबर के शासन के अंत तक मुगल साम्राज्य में उत्तरी तथा मध्य भारत के अधिकांश भाग सम्मिलित थे ।